STOP AND START TECHNIQUE





स्टॉप ऍनड स्टार्ट टेक्निक 

स्क्वीज टेक्निक

स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक

10 steps Stop and Start Technique in Hindi

by the famous Sexologist Dr. Ashok Koparday

प्रयोजन

स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक से क्या लाभ है ?
स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक एक क्रिया पद्धति है जिसका अभ्यास करने से वीर्य स्कलन  तुरंत नही होता अपितु
देर से होने लगता है।  इस लिए स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक शीग्रपतन के उपचार में लाया जाता है। 

१ 
आप अकेले उत्तेजित अवस्था में है। 
२ 
जिस तरह हस्तमैथुन में हाथ में लिंग को पकड़ते है उसी तरह हाथ में पकड़ कर हस्तमैथुन की तरह मालिश करें। 
३ 
जब आप मालिश कर रहे हों तब एक ऐसा समय आता है की वीर्य पतन रोकना नामुमकिन हो जाता है। 
इस क्षण को ठीक तरह से पहचानिये। 
इसे हम 'पॉइंट ऑफ़ इजाकुलेटरी इनएवीट्याबिलिटी' कहेंगे। 
४ 
आप जब मालिश कर रहें हैं तब  'पॉइंट ऑफ़ इजाकुलेटरी इनएवीट्याबिलिटी' आने के पहले आप मालिश रोक दें। 
५ 
अभी अपना ध्यान सांस अंदर बाहर चल रहा है वंहा मोड़िये।
६ 
साँस अंदर बाहर १० बार की गिनती तक चलेने के उपरांत पुनः मालिश आरम्भ करें।
७ 
वापस जब 'पॉइंट ऑफ़ इजाकुलेटरी इनएवीट्याबिलिटी' करीब आये तो मालिश रोक दीजिये और ध्यान अपने साँस की तरफ मोड़िये। 
८ 
इस समय भी १० बार साँस अंदर बाहर हो जाने पर फिर से मालिश आरम्भ करें। 
९ 
'पॉइंट ऑफ़ इजाकुलेटरी इनएवीट्याबिलिटी' आने से पहले फिर मालिश रोकिये। 
अब तक आपने दो बार मालिश रोका  है। 
१०
तीसरी बार आप धात का स्खलन मत रोकिये।  तीसरी बार धात का स्खलन होने दीजिये।

यंहा आप का स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक का अभ्यास पूरा हुआ।

सवाल जवाब 

 स्क्वीज़ टेक्निक क्या है ?

 स्क्वीज़ टेक्निक में 'पॉइंट ऑफ़ इजाकुलेटरी इनएवीट्याबिलिटी' आते ही पुरुष स्त्री को सिग्नल देता है।  स्त्री अपने उँगलियों में लिंग का अग्रसर भाग जमके पकडे रखती है।  फिर कुछ समय बाद वह उसे छोड़ती है। 

इसी तरह पकड़ना छोड़ना इस क्रिया को स्क्वीज़ टेक्निक कहते है। 

स्क्वीज़ टेक्निक का अभ्यास करने से धात का स्खलन देर से होता है।  शीग्रपतन के इलाज में यह भी एक बिना दवा, बिना साइड इफेक्ट वाला ट्रीटमेंट है। 

 

 क्या स्खलन होना जरुरी है ?

हाँ।  स्खलन होने दीजिये।  
जो यह सवाल पूछ रहे है उन्हें भ्रान्ति है की धात शरीर से निकल जाने से कमजोरी आदि विकार होते है। 
कुदरत की धात को बाहर फ़ेकनेकी निजी प्रवृति को होने दीजिये।  इस से कोई हानि नहीं।
यह हास्यास्पद गलत फैमि भारत और करीबी देशों के कुछ क्षेत्रों में बहोत प्रचलित है। 

क्या स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक करते समय विशेष तेल का उपयोग करने से अधिक लाभ होता है ?
तेल की कोई आवश्यकता नहीं। 
आप बाथरूम में यह कर रहे हो तो पानी और साबू का इस्तेमाल कर सकते हो। 

किसी ने किसी नाम से आप को बेवकूफ बनाके तेल बेचा हो तो उसका उपयोग मत करना। क्या पता उस तेल में मिलावट हो ना हो? हानिकारक नहीं इस की केवल बेचनेवाला गैरंटी दे  रहा हो तो लेना ही नहीं।  आप के पास एक ही लिंग है। प्रयोग करना उचित नहीं है। सावधान रहना । 

तो क्या हम नारियल का तेल का उपयोग करें?
फिर पूछोगे राई का तेल, या बादाम का तेल।  यह क्या दिमाग में तेल डाल के बैठे हो।  किसी तेल की आवश्यकता नहीं है।  तकनीक सही हो यह आवश्यक है?

टिप्पणी 
कुछ लड़के अति उत्साह से बहोत ज्यादा बार यह रोकना शुरू करना करते है।  
इस से अधिक लाभ नहीं होता। यह कुदरत के खिलाफ रोकना है।  इसे अधिक बार ना करें।


स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक  खासियत
स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक में कोई दवा लेने की जरुरत पड़ती है ना ही कोई महंगी यंत्रणा का उपयोग करना पड़ता है।  स्टॉप ऍन्ड स्टार्टकुछ  टेक्निक के अभ्यास के लिए हॉस्पिटल जैसे विशेष जगह नही जाना पड़ता और प्रशिक्षित ट्रेनर की आवश्यकता भी नहीं है।  
स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक  क्रिया का अभ्यास आनंद पूर्वक अपने घर में एकांत में करना होता है। 
इसे उम्र या अन्य रोग की कोई पाबंदी नहीं है। 
स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक के साइड इफेक्ट आनंद के अलावा और कोई नहीं है।

स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक   विपक्ष 
कुछ लोगों का अनुभव यह है की स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निकसे धात का स्कलन पहले से दो गुनह देर से होता है। 
 यह भी देखा गया है की काफी लोगों को इस से लाभ नहीं होता।

यह स्टॉप ऍन्ड स्टार्ट टेक्निक विख्यात सेक्स विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक कोपर्ड़े ने अपने मेडिकल प्रैक्टिस के २० वर्ष के अनुभव से प्रस्तुत किया है। 

 धन्यवाद Thanks to http://www.shabdkosh.com/

Comments

Popular Posts